आज दो ऐसे उदाहरण मिल गए जो असंगत प्रतीत होते हैं, और इसलिए यहाँ दे रहा हूँ क्योंकि जो असंगत है वह भी सुसंगत है-
हम मेहनतकश इस दुनिया में सब अपना हिस्सा मांगेगे, एक गाँव नहीं, एक देश नहीं, हम सारी दुनिया मांगेगे. ----
हम मेहनतकश इस दुनिया में सब अपना हिस्सा मांगेगे, एक गाँव नहीं, एक देश नहीं, हम सारी दुनिया मांगेगे. ----
‘दो न्याय अगर तो आधा दो,
पर, इसमें भी यदि बाधा हो,
तो दे दो केवल पाँच ग्राम,
रक्खो अपनी धरती तमाम।
हम वहीं खुशी से खायेंगे,
परिजन पर असि न उठायेंगे!--
कृष्ण की चेतावनी / रामधारी सिंह "दिनकर"
पर, इसमें भी यदि बाधा हो,
तो दे दो केवल पाँच ग्राम,
रक्खो अपनी धरती तमाम।
हम वहीं खुशी से खायेंगे,
परिजन पर असि न उठायेंगे!--
कृष्ण की चेतावनी / रामधारी सिंह "दिनकर"
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